ओमिक्रॉन से तीसरी लहर के आसार, रोजाना 2 लाख केस की संभावना! अभी 236 संक्रमित

नई दिल्ली देश में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है। आलम यह है कि हर दिन के साथ संक्रमितों की संख्या में एक-एक कर इजाफा हो रहा है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि फिलहाल अभी कोरोना के इस नए वैरिएंट से संक्रमितों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही हो, लेकिन नए साल में कदम रखने के बाद ओमिक्रॉन संक्रमितों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है। वहीं आंकड़ों की बात की जाए तो इस वैरिएंट के अधिक सक्रिय होने की स्थिति में रोजाना 2 लाख तक मामले सामने आने की आशंका जताई जा रही है।

बता दें देश में अभी तक कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से करीब 236 केस सामने आ चुके हैं, जिनके संख्या हर दिन के हिसाब से बढ़ती जा रही है।

खबरों के मुताबिक़ ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए हेल्थ एक्सपर्ट्स देश में तीसरी लहर आने की संभावना जता रहे हैं। वहीं नेशनल कोविड -19 सुपरमॉडल कमेटी के सदस्य विद्यासागर ने ANI को बताया कि भारत में अगले साल की शुरुआत में तीसरी लहर आने की संभावना है।

हालांकि, लोगों में बड़े पैमाने पर इम्यूनिटी होने की वजह से दूसरी लहर की तुलना में ये हल्की होगी, लेकिन तीसरी लहर निश्चित रूप से आएगी। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि अप्रैल-मई में दूसरी लहर में आए मामलों की तुलना में इसकी संख्या कम रहेगी।

बता दें, सरकार ने 1 मार्च से ही भारत में वैक्सीनेशन शुरू कर दिया था, डेल्टा वैरिएंट के आने का समय यही था। उस समय फ्रंटलाइन वर्कर्स को छोड़कर और किसी को वैक्सीन नहीं लगी थी। यही वजह है कि डेल्टा ने इतनी बड़ी आबादी को चपेट में ले लिया था।

विद्यासागर ने कहा कि अब देश में 75-80% की सीरो-प्रेवलेंस है। 85% लोगों को पहली डोज और 55% लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है, जो महामारी से 95% तक बचाव करती है। इसलिए तीसरी लहर में मामले उतने ज्यादा सामने नहीं आएंगे जितने कि दूसरी लहर में देखे गए थे।

उन्होंने कहा कि दूसरी लहर के अनुभव से हमने अपनी क्षमता भी बनाई है। इसलिए हम बिना किसी कठिनाई के इसका सामना करने में सक्षम हैं। वहीं हैदराबाद में आईआईटी प्रोफेसर विद्यासागर ने यह भी बताया कि मामलों की संख्या दो बातों पर निर्भर करेगी।

पहला कि डेल्टा से मिली नेचुरल इम्यूनिटी को ओमिक्रॉन कितना दरकिनार करता है और दूसरा वैक्सीन से मिली इम्यूनिटी को ये किस हद तक चकमा दे सकता है। फिलहाल अभी इन दोनों बातों के बारे में पूरी जानकारी नहीं उपलब्ध है।

विद्यासागर के अनुसार, अगर देश में तीसरी लहर आती है तो सबसे खराब स्थिति में, भारत में प्रति दिन दो लाख से अधिक मामले नहीं होंगे। हालांकि, प्रोफेसर ने जोर देते हुए कहा कि ‘ये महज अनुमान है, भविष्यवाणी नहीं।’

इससे पहले देश में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार को सभी राज्यों को पत्र के माध्यम से कोरोना संबंधी सभी सुराक्षात्मक नियमों का सख्ती से पालन कराने का आदेश दिया है।

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