दलबदल बसपा में आए इस नेता के बिगड़े बोल, सपा पर लगाए होश उड़ा देने वाले आरोप

लखनऊ। यूपी चुनावों में दलबदल की राजनीति और घमासान के बीच एक और मामला सामने आया है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। दरअसल, इस बात से तो सभी अवगत है कि हाल ही में स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा छोड़ सपा का दाम थाम लिया था, जिसके कारण यूपी के सभी समीकरण पूरी तरह से बदल गए थे। ऐसे में जब सपा ने स्वामी प्रसाद मौर्य को फाजिलनगर सीट से उमीदवार घोषित किया तो सपा में लंबे समय से रहे इलियास अंसारी को गहरी चोट लगी और उन्होंने सपा का दामन छोड़ बसपा की और रुख कर लिया।

इसके बाद सपा से बसपा में शामिल हुए इलियास अंसारी मीडिया से बातचीत के दौरान काफी भावुक नजर आए। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सपा में रहने के कारण उनकी बेटी विधवा हो गई। इतना ही नहीं उन्होंने बातों ही बातों में यह तक बोल दिया कि सपा मेरी भी हत्या कराना चाहती है।

बता दें कि यह सभी बातें इलियास संसारी ने फाजिलनगर सीट से बसपा का टिकट मिलने के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए कहीं।

खबरों के मुताबिक़ मीडिया से बात करते हुए इलियास अंसारी ने कहा कि मैंने समाजवादी पार्टी के लिए अपना पूरा जीवन न्योछावर कर दिया। समाजवादी पार्टी की राजनीति के चलते मेरी 22 साल की बेटी विधवा हो गई। पार्टी की वजह से मेरे दामाद की हत्या हो गई। समाजवादी पार्टी मेरी हत्या कराना चाहती है। साथ ही उन्होंने कहा कि यहां के लोग स्वामी प्रसाद मौर्य को हराकर दम लेंगे।

बता दें, फाजिलनगर से सपा उम्मीदवार स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर इलियास अंसारी ने कहा कि उनको लेकर लोगों के बीच गुस्सा है। इस बार यहां की जनता उनकी धूर्तता और उनकी राजनीति का सफाया कर देगी। साथ ही उन्होंने कहा कि वे पडरौना से भागकर फाजिलनगर आए हैं लेकिन मैं यहां से भी उनको भगाकर दम लूंगा।

दरअसल, इस बार के विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने फाजिलनगर से स्वामी प्रसाद मौर्य को टिकट दिया है। स्वामी प्रसाद मौर्य बीते दिनों भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। स्वामी प्रसाद मौर्य को फाजिलनगर से टिकट मिलने के बाद इलियास अंसारी पार्टी से नाराज हो गए।

इलियास का दावा है कि वे पिछले 30 साल से भी अधिक समय से समाजवादी पार्टी के लिए काम कर रहे थे लेकिन अंतिम समय में उनका टिकट काटकर थोड़े दिनों पहले पार्टी में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य को उम्मीदवार बना दिया गया।

टिकट नहीं मिलने के बाद इलियास अंसारी ने समाजवादी पार्टी के खिलाफ बगावत कर दी और चुनाव लड़ने का ऐलान किया।

बसपा ने इस सीट से संतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। लेकिन इलियास अंसारी के बसपा में शामिल होने के तुरंत बाद बसपा ने संतोष तिवारी की उम्मीदवारी को वापस ले लिया और इलियास अंसारी को उम्मीदवार बना दिया।

फाजिलनगर सीट मुस्लिम बाहुल्य होने और यहां के मुसलमानों के बीच अच्छी पकड़ होने की वजह से बसपा ने इलियास अंसारी को उम्मीदवार घोषित किया

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button