‘आप’ ताकती रही और भाजपा ने जीत ली हारी हुई बाजी, किया चंडीगढ़ मेयर की कुर्सी पर कब्जा

नई दिल्ली। हाल ही में चंडीगढ़ नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। जबकि भाजपा दूसरे स्थान पर थी। मगर, जब बारी आई मेयर की कुर्सी पर बैठने की तो आप को मुंह की खानी पड़ गई। सबसे अधिक सीते हासिल करने के बाद भी आप मेयर की कुर्सी पर अपना मेयर नहीं बिठा सकी।

हुआ दरअसल यूं कि चंडीगढ़ निकाय चुनाव के दौरान बीजेपी ने 12 सीटें जीती थीं। जबकि आप के खाते में 14 सीटें आई थीं। कांग्रेस से निकाले जाने के बाद देवेंद्र सिंह बबला अपनी नवनिर्वाचित पार्षद पत्नी हरप्रीत कौर बबला के साथ भाजपा में शामिल हो चुके हैं, जबकि बीजेपी की सांसद किरण खेर को भी एक वोट डालने का अधिकार है। इस तरह से बीजेपी के पास 14 वोट हो गए थे। ऐसे में भाजपा भले ही दूसरी नंबर की पार्टी बनी थी, लेकिन मेयर पद पर उसने कब्जा जमा लिया है।

खबरों के मुताबिक़ शनिवार को भाजपा की सरबजीत कौर ने मेयर का चुनाव 14 पार्षदों के समर्थन से जीत लिया। कुल 28 वोटों में से आधे वोट हासिल कर भाजपा को यह बड़ी सफलता मिली है। चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के पार्षद हंगामा करते दिखे।

आम आदमी पार्टी का आरोप है कि भाजपा ने गड़बड़ी करके मेयर पद हासिल किया है। आम आदमी पार्टी ने अब मांग की है कि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद का चुनाव अब बैलेट पेपर की बजाय हाथ खड़े करवाकर कराया जाए।

भाजपा की सरबजीत कौर के चुनाव जीतने के बाद आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने जमकर हंगामा काटा। यहां तक कि मेयर की कुर्सी ही घेरकर बैठ गए। इसके बाद पुलिस को बुलाना पड़ा, जिसकी मदद से आप पार्षदों को हटाया गया। फिर चंडीगढ़ से भाजपा की ही सांसद किरण खेर ने सरबजीत कौर को कुर्सी पर बिठाया।

बता दें कि मेयर के चुनाव में कुल 28 मत पड़े थे, जिनमें 14 भाजपा ने हासिल किए और 13 वोट आम आदमी पार्टी को मिले। एक वोट इनवैलिड घोषित किया गया। इस तरह भाजपा ने महज एक वोट के अंतर से मेयर के पद पर जीत हासिल कर ली।

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