बड़ा खुलासा : अरसे से ‘आतंकी कीड़े’ की गिरफ्त में मुर्तजा, जिहादी नर्सरी कर रहा था तैयार

लखनऊ। गोरखनाथ मंदिर में पीएसी जवान पर हमला करने के मामले में गिरफ्त में लिए गए अहमद मुर्तजा से जैसे-जैसे पूछताछ के राउंड बढ़ रहे हैं। आतंक के दलदल में वह कितनी गहराई तक और कितने लंबे समय से धसा हुआ था, इस बात का भी खुलासा धीरे-धीरे हो रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक़ अब इस बात का खुलासा हुआ है कि मुर्तजा काफी लंबे समय से आतंकी कीड़े की गिरफ्त में था। इस बात को उसके कुछ नजदीकी दोस्तों ने बताया है। उनका कहना है कि जब भी किसी आतंकी के मारे जाने की जानकारे आती तो मुर्तजा काफी नाराज हो जाता था।

वहीं यह बात भी उजागर हुई है कि वह एक जिहादी नर्सरी भी तैयार कर रहा था, जिसमें भोले-भाले और मासूम लोगों को धर्म के नाम पर आतंक के दलदल में खींचा जाता था।

खबरों के मुताबिक़ आरोपी अहमद मुर्तजा अब्बासी जिहाद की नर्सरी तैयार कर रहा था। जांच एजेंसी को पता चला है कि आतंकी के मरने पर खुशी मनाने पर मुर्तजा अपने दोस्तों से नाराज हो जाता था। साथियों से बातचीत के बाद पता चला कि अगर कोई आतंकी पकड़ा या मारा जाता था, तो उसके सहपाठी खुशी जाहिर करते थे। तब उसको बहुत गुस्सा आता था। कई बार वो सहपाठियों को मारने के बारे में सोचता था।

मुर्तजा को लगने लगा था कि मुस्लिम समुदाय को पूरी दुनिया परेशान कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में मुर्तजा ने बताया कि 2017 में इंटरनेट पर कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सीखने लगा। यहीं उसको ऐसे विचार आने लगे कि वो जन्नत में है, अल्लाह उससे खफा है।

मुर्तजा को लगा कि वो होमो सेक्सुअल है। जब ये बातें घरवालों को पता चलीं, तो उन्होंने इलाज कराना शुरू कराया। डॉक्टरों ने इसे हाइपोमेनिया बीमारी करार दी। जून 2019 में मुर्तजा की शादी जौनपुर के मुल्ला टोला निवासी लड़की से हुई। एक महीने बाद ही उसका तलाक हो गया। तलाक भी मोबाइल फोन से दिया था।

जनवरी 2020 से वह हाईटेक कंप्यूटर कोडिंग सीखने लगा। इसी दौरान एक बार फिर सीरिया के लोगों के संपर्क में आया। उनसे प्रभावित होकर आठ लाख रुपये नेपाली खातों से उन्हें दे दिए। मुर्तजा को लगने लगा था कि मुस्लिमों को पूरी दुनिया परेशान कर रही है।

अपनी कट्टरपंथी विचारधारा के चलते वह जिहादी मानसिकता का हो गया। इस बीच नेपाल सीमा पर स्थित संदिग्ध मदरसों में जाकर तकरीरें सुनने लगा। उसने मुजाहिद बनने की ठान ली। उसे लगता है कि अल्लाह की राह पर चलने का एक मात्र यही रास्ता है, काफिरों का सफाया।

पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले तक मुर्तजा ने कई बैंक खातों में रुपये भेजकर फंडिंग मुहैया कराई थी। इसके अलावा उसके पास से एटीएस को पासपोर्ट भी मिला। एटीएस को पता चला है कि मुंबई में मुर्तजा का आवास ताज हाइट्स प्लाट नंबर 69 नवी मुंबई में है। उसका जन्म 5 जनवरी 1992 को गोरखपुर में अब्बासी नर्सिंग होम में हुआ था। मुर्तजा ने केमिकल इंजीनियरिंग के दौरान कट्टरपंथी विचारों की वजह से आतंकवाद की ओर बढ़ गया।

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