कोरोना से जंग में कारगर इस ‘गोली’ को भारत में मिली मंजूरी, जल्द देश में ही होगी तैयार

नई दिल्ली। बीते कुछ महीनों में कोरोना संक्रमण को लेकर एक बार फिर लोगों के मन में दहशत बैठ गई है। वजह है कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रोन। दरअसल, बीते दिनों में जिस रफ़्तार से देश में कोरोना के मामले बढ़े हैं। साथ ही ओमिक्रोन वैरिएंट से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या में भी भारी उछाल पाई गई है। उसने लोगों को एक बार फिर इस दिशा में सोचने पर मजबूर कर दिया है। मगर, इस मामले में अब अधिक परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हाल ही में ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने एक ऐसी दवा को मंजूरी दे दी है, जो कोरोना संक्रमण की गंभीर स्थितियों में बड़ी कारगर साबित हो सकती है।

खबरों के मुताबिक़ ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सोमवार को एंटी वायरल दवा Molnupiravir के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दे दी। इस दवा का इस्तेमाल कोरोना के इलाज में किया जाएगा। इस दवा को अमेरिकी फार्मा कंपनी Merck ने बनाया है। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि अब भारत में भी इस दवा की मैनुफैक्चरिंग होगी।

बता दें कि Molnupiravir कोरोना के इलाज में काफी कारगर साबित हुई है। ये दवा कोरोना मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने और मौत होने का खतरा काफी कम कर देती है। इस दवा का एक डोज 200mg का होगा, जिसे हफ्ते में 5 दिन लेना होगा। ये दवा डॉक्टर की सलाह पर ही दी जाएगी। इसके अलावा ये दवा सिर्फ वयस्कों और गंभीर मरीजों को ही दी जाएगी। गर्भवती महिलाओं को भी ये दवा नहीं दी जाएगी।

भारत में भी इस दवा की मैनुफैक्चरिंग पर स्ट्राइड्स फार्मा (Strides Pharma) ने मंगलवार को कहा कि मंजूरी मिलने के बाद वो जल्द ही इस दवा को लॉन्च करेगी। वहीं 6 और भारतीय कंपनियां इस दवा का जेनेरिक वर्जन लाने की तैयारी कर रही हैं।

बता दें कि DCGI ने स्ट्राइड्स, डॉ. रेड्डीज, सन फार्मा, सिप्ला, हीटेरो, टोरेंट और ऑप्टीमस समेत 13 कंपनियों को इस दवा को बनाने और बेचने की अनुमति है। ये कंपनियां अपने ब्रांड के नाम से देशभर में इस दवा को बेच सकतीं हैं।

यह भी जानकारी मिली है कि इस साल की शुरुआत में इन कंपनियों ने भारत समेत दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में Molnupiravir की मैनुफैक्चरिंग और बेचने के लिए Mercks के साथ डील साइन की थी।

ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से Molnupiravir को मंजूरी मिलते ही स्ट्राइड्स फार्मा ने कहा कि वो जल्द ही भारत में इस दवा को अपने ब्रांड नेम ‘Stripiravir’ के नाम से लॉन्च करेगी।

वहीं डॉ. रेड्डीज ने कहा कि वो ‘Molflu’ नाम से इस दवा को लॉन्च करेगी। जबकि, सन फार्मा इस दवा को भारत में ‘Molxvir’ नाम से उतारेगी। सन फार्मा की सीईओ किर्ति गनोरकर ने कहा कि उनका मकदस हफ्तेभर में इस दवा को उपलब्ध कराना है। मुंबई की दवा कंपनी सिप्ला इसे ‘Cipmolnu’ नाम से उतारेगी। वहीं हैदराबाद की हिटेरो कंपनी इसे ‘Movfor’ नाम से लॉन्च करेगी।

अहमदाबाद स्थित टोरेंट फार्मा ने बताया कि वो इसे ‘Molnutor’ और अरबिंदो फार्मा इसे ‘Molnaflu’ नाम से बेचेगी। ऑप्टिमस फार्मा ने भी कहा कि वो एक या दो दिन में ही भारतीय बाजार में इस दवा का वर्जन लॉन्च करेगी।

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