सांडों पर फिर घिरे अखिलेश… भाजपा नेता ने सुनाई खरी-खोटी, यूजर्स ने भी ले ली क्लास

लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनावों में जो गोवंश के आतंक का मुद्दा सपा ने उठाया था। एक बार फिर उस मामले पर बहस छिड़ गई है। दरअसल, हुआ कुछ यूं… कि हाल ही में एक नामी समाचार वेबसाइट ने प्रदेश में घूम रहे छुट्टा जानवरों की रिपोर्ट पोस्ट की, जिसपर रूचि लेते हुए अखिलेश यादव ने उसे शेयर किया। ऐसे में इस पोस्ट को शेयर करते ही यूजर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रया देते हुए अखिलेश यादव को घेरना शुरू कर दिया।

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी विधानसभा चुनाव के प्रचार में कहा था कि यूपी में किसानों को छुट्टा जानवरों से हो रही दिक्कतों को हम गंभीरता से ले रहे हैं। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा था कि 10 मार्च को आचार संहिता समाप्त होने के बाद और यूपी में योगी जी के नेतृत्व में उन सारी नई योजनाओं को हम लागू करेंगे।

खबरों के मुताबिक़ अखिलेश यादव द्वारा शेयर की गई पोस्ट पर बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने पलटवार कर कहा कि पहला यदुवंशी है जो गोवंश के खिलाफ है। इन दोनों नेताओं के कमेंट पर सोशल मीडिया यूजर्स अपने रिएक्शन दे रहे हैं।

बता दें, सपा प्रमुख ने दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट साझा की है। जिसमें जानकारी दी गई है कि यूपी में 11 लाख से ज्यादा जानवर खुले में घूम रहे हैं। वहीं यह भी बताया गया है कि मार्च में सांड के हमले से दो लोगों की मौत हुई है।

अखिलेश यादव द्वारा शेयर की गई इस पोस्ट पर कपिल मिश्रा ने कमेंट किया कि दुनिया का पहला यदुवंशी जो गोवंश के खिलाफ लिखता रहता है और गौ काटने वालों के साथ खुश रहता है।

वहीं सूरज त्रिपाठी नाम के एक ट्विटर यूजर कमेंट करते हैं कि आप लोग तो अब विपक्ष में बैठे हैं। ऐसे में आपके पास समय भी बहुत है तो खुले जानवरों की रखवाली ही क्यों नहीं करते हैं?

 संजीव सागर ने कमेंट किया कि आपके इसी हिंदुत्व विरोधी रवैये की वजह से यूपी वालों ने आप को करारा जवाब दिया है, अब आप कभी भी नहीं जीत पाओगे।

रिचा राजपूत नाम की एक यूजर लिखती हैं, ‘ समस्या सांड की नहीं है, वसीम के वोट बैंक के बूचड़खाने बंद हो गए हैं। कैसे भी करके उसे खुलवाना चाह रहे हैं।’

धीरेंद्र सिंह पूछते हैं कि जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी तो आपने खुले जानवरों के लिए कौन सा काम किया था? अवनीश यादव नाम के एक यूजर लिखते हैं – यूपी चुनाव के दौरान भी आप यही मुद्दा लेकर घूम रहे थे। आपको कोई फायदा नहीं हुआ है, इसलिए आप शिक्षा और रोजगार के मुद्दे को उठाइए।

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