राम मंदिर और विश्वनाथ कॉरिडोर के बाद अब मथुरा की बारी : सीएम योगी

लखनऊ। इन दिनों यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर काफी सक्रीय नजर आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में भाजपा की सत्ता को वापस लाने के लिए सीएम योगी रैलियों के माध्यम से भाजपा सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का बढ़-चढ़ कर बखान कर रहे हैं। वहीं उन्होंने कई सभाओं को संबोधित करते हुए लोगों को यह भी संदेश देने का प्रयास किया कि उनकी सरकार में किए गए सभी वादों को तेजी से पूरा किया गया है। इतना ही नहीं ताजा मामले में उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर निर्माण और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बाद अब वे मथुरा को छूटने न देंगे। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं।   

खबरों के मुताबिक़ अमरोहा के हसनपुर में जन विश्वास यात्रा की शुरुआत करने पहुंचे सीएम योगी ने मथुरा को लेकर यह बड़ा बयान दिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

दरअसल सीएम योगी ने रैली के दौरान कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर, काशी में विश्वनाथ कॉरिडोर बन गया है तो मथुरा और वृंदावन कैसे छूट जाएगा।

इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिज तीर्थ विकास परिषद गठित हो चुकी है, जल्द वहां भी भव्य मंदिर निर्माण हिंदुओं की आस्था के सम्मान में कराया जाएगा।

ऐसे में उनके मथुरा वाले बयान को लेकर कई शोशल मीडिया यूजर्स और उनके फैन ने सीएम योगी की जमकर तारीफ़ की है। साथ ही उनकी सरकार में कराए गए विकास कार्यों की भी सराहना की है।

यूजर्स का कहना है कि सीएम योगी के राज्य में जिस तरह से सरकार ने आगे बढ़कर कोरोना जैसी विपरीत परिस्थियों में आम जनता के लिए सुविधाओं का बंदोबस्त कराया वह उनके विशाल हृदय को परिलक्षित करता है।

इतना ही नहीं हाल ही में ‘दोगुना मुफ्त राशन’ वितरण कार्यक्रम की शुरुआत के विषय में भी लोगों ने योगी सरकार की जमकर तारीफ़ की। वहीं विपक्षियों ने सीएम योगी की इस बात को अपने नजरीए से देखते हुए कैश कराने का प्रयास किया और कई विपरीत कमेंट किए।  

सपा नेता घनश्याम तिवारी ने लिखा कि जब बेरोजगारी और महंगाई छोड़ दिया घर घर में…. तो फिर चुनाव में कौन मुंह दिखाएगा… अब जनता को भटकाना है, भरमाना है।

वहीं राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने लिखा कि यह मठाधीश मुख्यमंत्री जी हैं, इन्हें गंगा सरयू में तैरती लाशें नहीं दिखी। इन्हें रोजगार के लिए हताश युवक नहीं दिखते। इन्हें बदहाल कानून व्यवस्था नहीं दिखती है, विडंबना यह है कि इन्होंने संविधान पर हाथ रख कर शपथ ली है। हे भगवान, इन्हें माफ कर देना कि इन्हें संविधान के ‘स’ की जानकारी नहीं है।

अब चुनावी समय की नजदीकियों को देखते हुए विपक्षियों द्वारा इस तरह की बयानबाजी और कमेंट्स आना लाजमी है। चाहे सत्ता पक्ष हो या फिर विपक्ष में बैठे हुए अनेकों दल।

सभी को बस एक दूसरे की बात को पकड़ कर एक दूसरे पर निशाना साधने का मौक़ा चाहिए। भले ही बात समाज विकास और हित में की जा रही हो।

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