Trending

अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा, देश छोड़ गए अशरफ घनी

बीते कुछ महीनों से भीषण हिंसा, जुल्म का शिकार अफगानिस्तान अब तालिबान के आतंकी हमले देख रहा है। अफगानिस्तान पर अब तालिबान का कब्जा हो गया है। सूत्रों के अनुसार देश की सत्ता तालिबान के हाथ में आ गयी है और राष्ट्रपति अशरफ घनी से इस्तीफे के बाद देश छुड़वा दिया गया है और अब वह ताजिकिस्तान में है। उधर तालिबान काबुल के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर चुका है। राष्ट्रीय भवन पर भी अब तालिबान का कब्जा है। इस दौरान नागरिकों से ना घबराने की अपील की गई है। जमीन कार्रवाई स्थान के एमपी ने बयान में कहा कि जब वह काबुल से निकले तो सब तालिबानी काबुल पर हावी हो चुके थे मुझे लगता है कि अब वहां एक नई सरकार बनेगी और यह जो कुछ भी हुआ है वह अशरफ घनी की वजह से हुआ और अफगानिस्तान यह गद्दारी नहीं भूलेगा।

हालांकि अमरीकी सेना के सभी लोग वापस यूएसए पहुंच गए हैं जिसमें से एयरपोर्ट पर 20 लोगों की हत्या तालेबान के द्वारा की गई है। इस पर डॉनल्ड ट्रंप ने ट्वीट करते हुए कहा कि “जो बाइडेन को इस्तीफा दे देना चाहिए। 20 साल से तैनात अमेरिकी सेना अफगानिस्तान से वापस बुलाना वह भी बिना कार्रवाई के एक गलती है’’

तो वहीं सारा करीमी एक फिल्म निर्देशक अफगानिस्तान फिल्म्स की जनरल डायरेक्टर का कहना है कि  पिछले कुछ हफ्तों से तालेबान ने हर इलाके पर बमबारी करके कब्जा कर लिया है, वह हमारे लोगों को अगवा कर रहे हैं छोटी-छोटी लड़कियों को अपने आदमियों को बेच रहे हैं। औरतों का खून हो रहा है। हम लोगों के कितने चाहने वाले मार दिए गए हैं, हमारे बहुत पुराने कवि और कॉमेडियन को मार दिया गया है। मीडिया और गवर्मेंट तक के सभी रास्ते बंद हैं।हजारों लोग यहां के एम्स में हैं जिनकी हालत रहने वाली नहीं है। रोज छोटे बच्चों का मरना यह एक मानवीय संकट की है और हम यह चाहते हैं कि विश्व इस पर चुप्पी ना साधे। उसका कहना है कि जो उनके खिलाफ जा रहा है, वो उन आदमियों को चौराहे पे फांसी दी जा रही है। वह सभी औरतो को ज़बरदस्ती शादी के लिए उठा ले जा रहे हैं और सबके सामने उनका दुष्कर्म हो रहा है। दुनिया से मादा की गुहार लगते हुए चुप्पी न रखने की आशा की है।

अफगानिस्तान में लगातार बिगड़ते हालात देखते हुए विदेश मंत्री ने कहा, ‘’काबुल से सभी कर्मचारी तथा राजदूत तुरंत वापस लौटेंगे। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया कि, ‘’भारत ने तालिबान द्वारा देश पर नियंत्रण की स्थिति से निपटने और भारतीयों की स्वदेश वापसी के लिए और संबंधित मामलों के समन्वय के लिए एक अफगानिस्तान कक्ष(cell) की स्थापना की है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने सोमवार रात को सेल की स्थापना की घोषणा। इस दौरान उन्होंने कहा कि, ‘’भारत उन सिखों और हिंदुओं के प्रत्यावर्तन की सुविधा प्रदान करेगा जो युद्धग्रस्त देश छोड़ना चाहते हैं।‘’ भारत द्वारा 200 के करीब लोग अफगानिस्तान से एयरलिफ्ट कर लिए गए हैं। जिस पर के तालिबान का कहना है कि, ‘’अगर आर्मी भेजें तो बुरा हो सकता है।‘’ इसी के साथ फ्रांस के राष्ट्रपति ने बयान दिया कि, ‘’खतरे में अफगानिस्तान के लोगों को अकेला नहीं छोड़ेंगे।‘’ हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो का कहना है कि, ‘’अगर ऐसा ही चलता रहा तो अच्छा नहीं होगा।‘

WRITER – FATIMA NAQVI

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

7 − 1 =

Back to top button