ईवीएम की आवाजाही में लापरवाही के चलते चुनाव कार्यों से हटाए गए एडीएम नलिनी कांत

नई दिल्ली। वाराणसी में सपा द्वारा ईवीएम की आवाजाही को लेकर उठाए गए सवाल कार्यकताओं द्वारा मचाए गए बवाल के चलते एडीएम नलिनी कांत को चुनावी कार्यों से हटा दिया गया। बता दें, यह कार्रवाई सपा के हंगामे के बाद चुनाव आयोग के निर्देश पर लिया गया। बता दें, चुनाव आयोग ने ईवीएम परिवहन में अधिकारी द्वारा बरती गई लापरवाही को माना और इस बबाद त्वरित रूप से जिला निर्वाचन अधिकारी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

खबरों के मुताबिक़ चुनाव आयोग के निर्देश पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने ईवीएम परिवहन में लापरवाही पर एडीएम नलिनी कांत को चुनाव कार्यों से हटा दिया है। इसके साथ ही एडीएम वित्त एवं राजस्व को ईवीएम प्रभारी बनाया गया है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 की मतगणना से पहले समाजवादी पार्टी (एसपी) लगातार चुनाव आयोग से शिकायतें कर रही हैं। इसी बीच 8 मार्च को वाराणसी के पहड़िया मंडी में स्थित खाद्य गोदाम के पास सपाइयों ने उस समय जबरदस्त हंगामा कर दिया, जब खाद गोदाम के स्टोरेज से ईवीएम निकाल कर कहीं ले जाई जा रही थी।

सपाईयों ने कई घंटे तक हंगामा किया। इसी दौरान लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा पर हेराफेरी करने का आरोप लगाया। अखिलेश ने कहा कि बिना प्रोटोकॉल कैसे ईवीएम मशीन को स्टोरेज से निकालकर ले जाया जा सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अब संविधान और लोकतंत्र बचाने के लिए लोग खुद सड़क पर निकले। लखनऊ में अखिलेश की अपील का असर वाराणसी की सड़कों पर तुरंत हो गया। हजारों की संख्या पार्टी कार्यकर्ता पहड़िया मंडी स्थि खाद्य गोदाम पहुंचने लगे और हंगामा करने लगे।

सपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि ईवीएम को बदला जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा, ‘प्रशिक्षण हेतु EVM मंडी में स्थित अलग खाद्य गोदाम में बने स्टोरेज से UP कॉलेज जा रही थीं। कुछ राजनैतिक लोगों ने वाहन को रोककर उसे चुनाव में प्रयुक्त EVM कहकर अफवाह फैलाई है।’ 

उन्होंने कहा कि कल काउंटिंग ड्यूटी में लगे कर्मचारियों की द्वितीय ट्रेनिंग है और हैंड्स ऑन ट्रेनिंग हेतु ये मशीनें ट्रेनिंग में हमेशा प्रयुक्त होती हैं।

वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अगुआई में बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग पहुंचा। इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, चुनाव में हार के डर से अखिलेश यादव आपा खो रहे हैं और हताशा दिखा रहे हैं।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, उन्होंने संविधानिक प्रक्रिया और अधिकारियों को चुनौती देने की कोशिश की। अखिलेश यादव जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह धमकी की तरह है। वह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, सभी को सच पता है कि वाराणसी में क्या हुआ था। ईवीएम सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर के बाद स्ट्रॉंग रूम में रखी गई हैं। ईवीएम की निगरानी सीसीटीवी से हो रही है। चुनाव आयोग किसी भी मुद्दे पर संज्ञान लेने के लिए स्वतंत्र है।

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