Dr. Sarvepalli Radhakrishnan जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन, सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाऐं

गुरु को सिर राखिये, चलिये आज्ञा माहिं| कहैं कबीर ता दास को, तीन लोकों भय नाहिं||
भारत रत्न,भारत के दूसरे राष्ट्रपति एवं पहले उपराष्ट्रपति Dr. Sarvepalli Radhakrishnan जी की जयंती के अवसर पर भारत में हर साल शिक्षक दिवस मनाया जाता है। वे एक शिक्षक और एक दार्शनिक भी थे। यह दिन बच्चों और उनके गुरुओं के बीच के बंधन का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है जो उनके जीवन को कई तरह से प्रभावित करते हैं। अपनी सभी उपलब्धियों और योगदानों के बावजूद, डॉ राधाकृष्णन जीवन भर शिक्षक बने रहे। उनका मानना था कि सच्चे शिक्षक वे हैं जो हमें अपने लिए सोचने में मदद करते हैं।
यह दिन शिक्षकों और छात्रों दोनों के जीवन में एक महत्वपूर्ण दिवस है। यह सभी अध्यापकों और शिक्षकों के सम्मान और आभार प्रकट करने का दिन है। भारत वर्ष में, स्कूल और उच्च शिक्षण संस्थान Dr. Sarvepalli Radhakrishnan को श्रद्धांजलि देकर इस दिन को मनाते हैं।
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5 सितम्बर को भारत का शिक्षक दिवस तो वहीं 5 अक्टूबर को मनाया जाता है विश्व शिक्षक दिवस
गौरतलब है की 1962 में जब डॉ राधाकृष्णन ने भारत के दूसरे राष्ट्रपति का पद संभाला, तो उनके छात्रों ने 5 सितंबर को एक विशेष दिन के रूप में मनाने की अनुमति मांगी। इसके बजाय डॉ राधाकृष्णन ने समाज में शिक्षकों के योगदान को मान्यता देने के लिए 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, “मेरा जन्मदिन मनाने के बजाय 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो यह मेरे लिए गौरव की बात होगी।” तभी से उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
AUTHOR- SHRADHA TIWARI