IT छापेमारी : तिलमिलाए अखिलेश पर हकीकत भारी! सपा नेता ने मानी 86 करोड़ अघोषित आय

नई दिल्ली। चार दिन पहले यानी रविवार को सपा नताओं के घर व ऑफिस में आईटी की छापेमारी को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव काफी तिलमिला गए थे। इस तिलमिलाहट में उन्होंने यह भी कह डाला था कि अभी तो ईडी और सीबीआई वाले भी आएंगे। उनका कहना था कि आगामी विधानसभा चुनावों के तहत उनकी छवि बिगाड़ने के लिए भाजपा शासित सरकार यह सब करा रही है। मगर अब उनकी यह सभी दलीले बेमानी और खोखली दिख रही हैं। वजह यह है कि सपा नेताओं के घर हुई छापेमारी में करीब 86 करोड़ रुपये की अघोषित आय होने की जानकारी सामने आई है। इस संबंध में जांच अधिकारियों ने कई अहम डॉक्यूमेंट और डिजिटल डेटा भी बरामद किया है।

खबरों के मुताबिक़ 4 दिन तक चले छापेमारी के इस अभियान में लखनऊ, मैनपुर, कोलकाता, बेंगलुरु और एनसीआर के 30 ठिकानों पर जांच-पड़ताल गई थी, जिसमें नेताओं के ठिकानों से 86 करोड़ रुपये की अघोषित आय के प्रमाण मिले हैं।

साथ ही इस अघोषित आय को कुबूल भी किया गया है। इसके अलावा 150 करोड़ रुपये की रकम के इस्तेमाल के कागज भी नहीं मिले हैं। वहीं सपा नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान आयकर विभाग को 1.12 करोड़ कैश भी मिला है।

इसके अलावा बेंगलुरु के ठिकाने से फेमा का उल्लंघन कर 80 लाख रुपये का दान करने के प्रमाण प्राप्त हुए हैं। इसी के साथ विभाग को 12 करोड़ का अघोषित निवेश और 3.5 करोड़ की बेनामी संपत्ति मिली है।

कोलकाता के ठिकानों से 40 करोड़ के बोगस कैपिटल शेयर मिले है, जबकि 154 करोड़ का असुरक्षित लोन फर्जी कंपनियों से दिखाए गए हैं। बता दें आयकर विभाग ने 18 दिसंबर को उत्तर प्रदेश और कर्नाटक के कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी।

आयकर विभाग ने मऊ में राजीव राय, मैनपुरी में मनोज यादव और लखनऊ में जैनेंद्र यादव के घर पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया था। इसके अलावा कोलकाता के एक एंट्री ऑपरेटर के घर पर भी छापा मारा गया था।

अधिकारियों ने बताया कि कंस्ट्रक्शन के बिजनेस में शामिल कंपनियों में करोड़ों रुपयों के कई फर्जी खर्च की जानकारी मिली है। इनके पास से खाली बिल बुक, स्टांप, साइन किए चेक समेत कई दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया है।

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