सपा से जीतने वाली सैयदा समेत 200 कार्यकर्ताओं पर पाक समर्थित नारे लगाने का मामला दर्ज

लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनावों से पहले जो विवादित बयानों और आरोप प्रत्यारोप का सिरसिला शुरू हुआ था, वह अभी भी थमा नहीं है। चुनावों के बाद एक ऐसा मामला सामने आया है, जो काफी विवादास्पद है और हैरान करने वाला भी। मामला है यूपी के डुमरियागंज से समाजवादी पार्टी की नवनिर्वाचित विधायक सैयदा ख़ातून का। आरोप है कि जीत हासिल होने के बाद सैयदा के कार्यकर्ताओं द्वारा पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी की गई। वहीं खास यह है कि इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले स्वयं डुमरियागंज पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर रमाकांत सरोज है।

बता दें, डुमरियागंज विधानसभा सीट से सपा की उम्मीदवार सैयदा खातून ने बीजेपी के विधायक राघवेंद्र सिंह को 771 वोटों से हराया है, जोकि हिन्दू युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।

खबरों के मुताबिक़ समाजवादी पार्टी की नवनिर्वाचित विधायक सैयदा खातून समेत 200 सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि गुरुवार को सैयदा खातून के विधायक निर्वाचित होने के बाद उनके समर्थकों द्वारा यह नारे लगाए गए।

बता दें, यह शिकायत डुमरियागंज पुलिस स्टेशन में यूपी पुलिस के सब इंस्पेक्टर रमाकांत सरोज ने दर्ज करवाई है। बताया जा रहा है कि शनिवार को सिद्धार्थनगर पुलिस ने इस मामले में 5 स्थानीय निवासियों को गिरफ्तार किया है। वहीं समाजवादी पार्टी की विधायक सैयदा खातून ने सभी आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि पुलिस फर्जी मुकदमे दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित कर रही है।

इस पूरे मामले को लेकर पुलिस ने कहा कि, “शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया गया जिसमें सैयदा खातून की जीत पर जश्न मनाते लोगों को कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थक नारे लगाते हुए सुना जा सकता है।”

डुमरियागंज के सर्किल ऑफिसर अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने अब तक भीड़ में से 15 लोगों की पहचान की है। साथ ही उन्होंने कहा कि विधायक और अन्य लोगों की कथित भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि आईपीसी की धारा 153-A, 188 और 505-2 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

वहीं इस पूरे मामले पर सैयदा खातून ने कहा कि, “पुलिस हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं को परेशान करने की कोशिश कर रही है और मैं इस मुद्दे को उच्च अधिकारियों के सामने उठाऊंगी। हमें संदेह था कि कुछ बाहरी लोगों ने समूह के साथ घुलने-मिलने की कोशिश की और कथित तौर पर नारेबाजी की। इसकी गहन जांच की जरूरत है।”

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