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कोर्ट का फैसला : एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड को 26 जुलाई तक रिमांड पर मिले अलकायदा के आतंकी,टेलीग्राम एप के जरिए एक दूसरे से करते थे संपर्क

11 जुलाई को लखनऊ से गिरफ्तार किए गए अलकायदा के संदिग्ध आतंकी मसीरुद्यीन उर्फ मुशीर और मिनहाज को सोमवार को अदालत में पेश किया गया। इस दौरान कोर्ट में भारी सुरक्षा का इंतजाम किया गया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों ही संदिग्ध आतंकियों को 14 दिन की  एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) कस्टडी रिमांड पर दे दिया। रिमांड मंगलवार की सुबह 10 बजे से शुरु होगी। 26 जुलाई तक आरोपी जेल में रहेंगे। दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद कोर्ट ने एटीएस की अर्जी पर 14 दिन की पीसीआर का आदेश भी दिया है।  मंगलवार सुबह 10 बजे से  दोनों संदिग्ध आतंकियों की पुलिस कस्टडी शुरू होगी।  पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान यूपी एटीएस के अलावा दिल्ली स्पेशल सेल व अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी पूछताछ करेंगी।  

अल कायदा इंडियन सबआर्डिनेट नाम का संगठन

इस मामले में विवेचक ने अदालत को बताया कि आतंकी संगठन अलकायदा का सदस्य उमर हेलमंडी ने अल कायदा इंडियन सबआर्डिनेट नाम के संगठन में सदस्यों की भर्ती की। उमर भर्ती किए गए लोगों को रेडिक्लाइज़ कर देश में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए तैयार कर रहा था। विवेचक ने कहा कि यह लोग देश की अखंडता, एकता और संप्रभुता को नुकसान पहुचाने के लिए गिरोह बनाये थे और षडयंत्र के तहत प्रदेश के सरकारी प्रतिष्ठानों, भवनों, संवेदनशील स्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बम विस्फोट करने के लिए भारी मात्रा में विस्फोटक एकत्र करके कुकर बम तैयार करने के साथ ही हथियार भी इकट्ठा किया है और अपने गिरोह में अन्य सदस्यों की भर्ती की है। ऐसे में इनकी कम से कम 14 दिन की रिमांड जरूरी है।

टेलीग्राम एप के जरिए एक दूसरे से करते थे संपर्क

एटीएस के सूत्रों ने बताया कि मिनहाज के कब्जे से एटीएस को एक डायरी भी मिली है। जिसमें कई अहम सूचनाएं हैं, उसका पता लगाया जाना है। साथ ही यह दोनों टेलीग्राम एप से लोगों के संपर्क में थे। हालांकि टेलीग्राम एप पर कुछ ऐसे संदिग्ध चैट मिले हैं, जिनको डिकोड करने की कोशिश की जा रही है। इन दोनों मोबाइल नंबरों की भी पड़ताल की जा रही है कि यह लोग किन-किन लोगों के संपर्क में थे।

रिमांड के दौरान इन बिंदुओं पर जांच करेगी एटीएस

एटीएस के सूत्रों ने बताया कि संदिग्ध आतंकियों को रिमांड पर लेकर उनसे बम बनाने का सामान खरीदने की दुकान का पता लगाया जाएगा। साथ ही इन लोगों के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, उनके बारे में जानकारी इकट्ठा की जाएगी। एटीएस इन दोनों से यह भी पता लगाएगी कि किन-किन स्थानों पर ये विस्फोट करना चाहते थे। मिनहाज को पिस्टल किसने उपलब्ध कराई, इन दोनों के खातों में कहां-कहां से पैसे आए, इसका भी पता लगाया जाएगा।

बरामदगी में सिर्फ प्रेशर कुकर बम और पिस्टल का ही जिक्र

एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि दोनों ही आरोपियों की रिमांड 14 दिन की मिल गई है। इन दोनों से आगे की पूछताछ कर राज उगलवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन दोनों के पास से दो प्रेशर कुकर बम और एक पिस्टल के अलावा कुछ नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि यह लोग सीधे अलकायदा के समर्थित आतंकी संगठन अंसार गजवारुल हिंद नाम के संगठन के किन-किन लोगों से जुड़े थे, इसके बारे में भी पड़ताल की जाएगी।

दोनों संदिग्धों के पास से किसी भी शहर का नक्शा बरामद होने की जानकारी नहीं है. पुलिस ने यह भी साफ किया है कि जो 2 लोग फरार हैं, उन्हें पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। जब वे पकड़े जाएंगे तो सख्ती से पूछताछ होगी, जिससे सभी राज साफ हो सकें. उनके रोल के हिसाब से ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।   

कई शहरों में छापेमारी, आधा दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ

एटीएस के सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के कई शहरों में एटीएस की अब भी छानबीन जारी है। बताया यह भी जा रहा है कि लगभग आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एटीएस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अंसार गजवारुल हिंद की जड़ें यूपी में कहां तक फैली हैं। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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